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बयालीस

Being alive is a pre-existing condition.

घुमक्कड हो फक्कड,
जहाजी मदारी,
कहीं तो कदम कर,
यही दुनिया सारी.

क्षितिज के इशारे,
जमीं की किनारी,
नज़र बे-नज़र
दबी होशियारी.

सवालों की चोटी,
उलझन है सारी,
नादान मष्तिष्क
भरे है बीमारी.

नहीं देखना कुछ,
न मुनासिब तैयारी,
करम बा-खुदा
गुमशुदगी में हारी.

पैरों के तूफान ने
कुचले दरख़्त सारी,
फिर भी ये उन्मुक्त,
शफ्फाक बलिहारी.

भटकती तडपती
खोजती है तू क्या री,
रास्ता क्या, क्या मंजिल,
पता भी है क्या री.

उजड गए मंज़र,
बनी तू भिखारी,
लरजती गरजती
क्या जीती क्या हारी.

यहाँ से वहाँ तक
हवा जो है सारी,
जहाँ से जहाँ तक
बयालीस की मारी.

बयालीस तुम्हारी,
बयालीस हमारी,
बयालीस बयालीस,
बयालीस है सारी.

An ode to 42 The Answer to the Ultimate Question of Life, the Universe, and Everything
(From The Hitchhiker’s Guide to the Galaxy by Scott Adams)

Image courtesy - Derek Corneau

Published in Poetry

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