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दर्शन

गंगा थेम्स किनारे देखे,
जरमन फ्रांस बुखारे देखे.
आसमान के तारे देखे,
शीशे पार सितारे देखे.
महल बुर्ज दरबारे देखे,
सारे चौक चौबारे देखे.
डॉलर येन फेरारे देखे,
चहूँ वोर तुने प्यारे देखे.
सरगम देखी, नारे देखे,
दोनों ओर बहारें देखे.

घर देखा, बाहर भी देखा,
क्या-क्या बोल नज़ारे देखे?
जीतें देखीं, जश्न मनाई,
कौन-कौन थे हारे, देखे?
कायर देखे, जौहर देखे,
किस-किस ने तुम्हारे देखे?
देखी सागर पे परछाई,
क्या खुद के कभी इशारे देखे?
खुद को अंदर देख बता,
क्या-क्या, है क्या-क्या रे देखे?

 

Image Source : Doctor Hugo

Published in Poetry

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